
6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi हिंदू ज्योतिष एवं धर्मग्रंथों में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व बताया गया है। गणेश पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मोत्सव स्वरूप माना जाता है। इसी कारण इस दिन किए गए व्रत को संकट नाशक व्रत कहा गया है।
06 जनवरी 2026, मंगलवार को पड़ने वाली सकट चौथ को लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जिसमें भगवान गणेश के लम्बोदर स्वरूप की पूजा की जाती है। ज्योतिष ग्रंथों में उल्लेख है कि चतुर्थी तिथि, मंगलवार और गणेश उपासना का संयोग अत्यंत दुर्लभ एवं फलदायी होता है।
इस व्रत का विशेष संबंध चंद्रमा से है। नारद पुराण के अनुसार चंद्र दर्शन के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। इस दिन माताएं संतान की दीर्घायु, परिवार की रक्षा और जीवन से संकटों के नाश के लिए निर्जल या फलाहार व्रत रखती हैं। पंचांग के अनुसार 06 जनवरी 2026 को कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे यह व्रत विशेष पुण्यदायी सिद्ध होता है।

सकट चौथ व्रत क्यों किया जाता है?
- संतान सुख एवं संतान की रक्षा के लिए
- अकाल मृत्यु, रोग और बाधाओं से मुक्ति हेतु
- आर्थिक संकट, कर्ज व मानसिक तनाव दूर करने के लिए
- गणेश कृपा एवं जीवन में स्थिरता पाने के लिए 6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi
सकट चौथ व्रत करने की विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- व्रत का संकल्प लें
- दिनभर उपवास (निर्जल/फलाहार) रखें
- संध्या के समय गणेश पूजन करें
- चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करें 6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi
06 जनवरी 2026 सूर्य–चंद्र पंचांग
| विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 07:15 AM |
| सूर्यास्त | 05:39 PM |
| चन्द्रोदय | 08:54 PM |
| चन्द्रास्त | 09:35 AM |
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी |
| वार | मंगलवार |
| चन्द्र राशि | कर्क → सिंह |
कौन-सी पूजा करनी है?
भगवान गणेश (लम्बोदर स्वरूप) की विशेष पूजा
पूजा विधि
- चौकी पर गणेश प्रतिमा स्थापित करें
- दूर्वा, मोदक, तिल-लड्डू अर्पित करें
- दीपक व धूप जलाएं
- मंत्र जप करें –
ॐ गं गणपतये नमः (108 बार) - चंद्रमा को दूध-जल से अर्घ्य दें
6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi
विशेष उपाय
- संतान सुख हेतु 21 दूर्वा अर्पित करें
- धन बाधा के लिए तिल का दान करें
- भय नाश हेतु गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें 6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi
निष्कर्ष
06 जनवरी 2026 की सकट चौथ अत्यंत शुभ योगों में पड़ रही है। श्रद्धा व विधिपूर्वक किया गया यह व्रत संतान, सुख-समृद्धि और संकट नाश का श्रेष्ठ साधन माना गया है।ज्योतिष ग्रंथों में चतुर्थी तिथि को गणेश तत्व प्रधान माना गया है, जबकि मंगलवार को मंगल ग्रह का प्रभाव ऊर्जा, साहस और संकल्प शक्ति को बढ़ाता है।
चंद्रमा का कर्क से सिंह राशि में गोचर भावनात्मक स्थिरता और आत्मबल में वृद्धि का संकेत देता है। गणेश पुराण और नारद पुराण में उल्लेख है कि इस तिथि को किया गया व्रत संतान, स्वास्थ्य और आर्थिक संकटों के निवारण में सहायक होता है। आधुनिक पंचांग गणनाओं के अनुसार भी संकष्टी चतुर्थी पर चंद्र दर्शन का सीधा संबंध मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। यदि व्रत शुद्ध विधि, सही समय और श्रद्धा के साथ किया जाए, तो यह न केवल धार्मिक पुण्य देता है बल्कि व्यक्ति के जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi
FAQ (6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi )
Q1. सकट चौथ किसे कहते हैं?
A. कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ कहते हैं।
Q2. व्रत कब खोला जाता है?
A. चंद्रोदय के बाद।
Q3. क्या पुरुष व्रत रख सकते हैं?
A. हाँ, पुरुष भी रख सकते हैं।
Q4. बिना चंद्र दर्शन व्रत पूर्ण होता है?
A. नहीं।
Q5. कौन-सा मंत्र श्रेष्ठ है?
A. ॐ गं गणपतये नमः।6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi
Disclaimer
यह लेख धार्मिक मान्यताओं व पंचांग गणनाओं पर आधारित है। परिणाम व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करते हैं।व्रत, पूजा या ज्योतिषीय उपायों से संबंधित फल व्यक्ति की आस्था, कर्म, परिस्थिति और व्यक्तिगत विश्वास पर निर्भर करते हैं। यह सामग्री किसी भी प्रकार की चिकित्सीय, कानूनी, आर्थिक या वैज्ञानिक सलाह का विकल्प नहीं है।
6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi ,सकट चौथ 2026, लम्बोदर संकष्टी, सकट चौथ व्रत, गणेश पूजा, चंद्रोदय समय, जनवरी 2026 पंचांग, संकष्टी चतुर्थी पूजा, गणेश मंत्र, हिन्दू व्रत, पंचांग 6 जनवरी
#SakatChauth2026,#LambodarSankashti,#GaneshVrat,#HinduPanchang,#Chandroday,#GaneshPuja,#AstrologyHindi,#VratVidhi,#January2026,#SanatanDharma
06 जनवरी 2026 सकट चौथ (लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी) का सम्पूर्ण पंचांग, पूजा विधि, चंद्रोदय समय, उपाय और धार्मिक महत्व।6 January 2026 Lambodar Sankashti Chaturthi