
Ravi Pushya Yog 01 February 2026 01 फरवरी 2026, रविवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली है। इस दिन रवि पुष्य योग 07:09 ए एम से 11:58 पी एम और सर्वार्थ सिद्धि योग 07:09 ए एम से 11:58 पी एम एक साथ बन रहे हैं, जिसे सफलता का महासंयोग कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ये दोनों योग एक साथ पड़ते हैं, तो किए गए कार्यों में असफलता की संभावना न के बराबर रह जाती है।
इस दिन व्यापार, निवेश, नौकरी, धन, संपत्ति, वाहन, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत करने से अचानक लाभ और स्थायी सफलता प्राप्त होती है। यदि आप लंबे समय से अटके कार्यों को पूरा करना चाहते हैं, तो यह दिन आपके लिए अत्यंत शुभ सिद्ध हो सकता है।
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01 फरवरी 2026 के शुभ मुहूर्त
| शुभ मुहूर्त | समय |
|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:13 पी एम से 12:57 पी एम |
| अमृत काल | 05:59 पी एम से 07:29 पी एम |
| रवि पुष्य योग | 07:09 ए एम से 11:58 पी एम |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 07:09 ए एम से 11:58 पी एम |
Ravi Pushya Yog 01 February 2026
रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ पड़ने के लाभ
जब रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बनते हैं, तो यह योग सफलता, धन और स्थायित्व प्रदान करता है। इस योग में शुरू किए गए कार्य लंबे समय तक चलते हैं और उनमें बाधाएँ नहीं आतीं।धन वृद्धि, करियर ग्रोथ, व्यापार विस्तार, मान-सम्मान, सरकारी कार्यों में सफलता और भाग्य वृद्धि के प्रबल योग बनते हैं। यह योग उन लोगों के लिए विशेष फलदायी होता है जो नया काम शुरू करना चाहते हैं या लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
इस योग में कौन-कौन से शुभ कार्य किए जा सकते हैं?
- नया व्यापार या स्टार्टअप शुरू करना
- दुकान, ऑफिस, फैक्ट्री या वेबसाइट लॉन्च करना
- नौकरी बदलना या इंटरव्यू देना
- निवेश, FD, बीमा, शेयर, म्यूचुअल फंड
- सोना-चांदी, वाहन, भूमि, घर खरीदना
- विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश
- पूजा-पाठ, हवन, दान-पुण्य
रवि पुष्य योग की पूजा विधि
सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें। सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।पीले पुष्प, पीले वस्त्र और पीला प्रसाद अर्पित करें। दीपक जलाकर “ॐ घृणि सूर्याय नमः” और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।संध्या समय दीपदान करने से आर्थिक बाधाएँ दूर होती हैं।Ravi Pushya Yog 01 February 2026
व्यापार और धन लाभ के उपाय
रवि पुष्य योग में नया व्यापार शुरू करना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन दुकान खोलना, ऑनलाइन बिजनेस शुरू करना, मशीनरी खरीदना या नई डील साइन करना लाभकारी रहता है।जो लोग नौकरी में हैं, वे इस दिन नई फाइल, नया प्रोजेक्ट या इंटरव्यू की शुरुआत करें। पीपल के नीचे दीपक जलाने और गुड़-चना दान करने से धन वृद्धि होती है।
इस योग में कौन-सा व्यापार करना शुभ है?
- रियल एस्टेट
- ज्वेलरी और सोना-चांदी
- ऑनलाइन बिजनेस
- शिक्षा, कोचिंग, कंसल्टेंसी
- फाइनेंस, इंश्योरेंस, एजेंसी
- कृषि और खाद्य व्यापार
निष्कर्ष (Conclusion)
01 फरवरी 2026 को बन रहा रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग जीवन में अचानक सफलता, धन लाभ और स्थायित्व देने वाला है। यदि इस दिन सही मुहूर्त में सही कार्य किए जाएँ, तो भाग्य का पूरा साथ मिलता है। यह दिन साल के सबसे शक्तिशाली दिनों में से एक माना जा रहा है।
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FAQ
Q1. रवि पुष्य योग क्या होता है?
यह अत्यंत शुभ योग है जो सफलता देता है।
Q2. सर्वार्थ सिद्धि योग का क्या लाभ है?
हर कार्य में सिद्धि मिलती है।
Q3. क्या इस दिन निवेश करना शुभ है?
हाँ, दीर्घकालिक निवेश के लिए श्रेष्ठ।
Q4. कौन-सा समय सबसे अच्छा है?
अभिजित मुहूर्त और अमृत काल।
Q5. क्या पूजा जरूरी है?
पूजा करने से योग का प्रभाव बढ़ता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी वित्तीय या व्यक्तिगत निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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01 फरवरी 2026 को रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और अचानक सफलता के उपाय।