
Magh Purnima 01 February 2026 01 फरवरी 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष है। इस दिन माघ पूर्णिमा के साथ-साथ रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। माघ पूर्णिमा को दान-पुण्य, स्नान, पूजा और तप के लिए श्रेष्ठ माना गया है, वहीं रवि पुष्य योग को वर्ष के सबसे शक्तिशाली और फलदायी योगों में गिना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक स्थायी सफलता और धन लाभ प्रदान करते हैं। व्यापार आरंभ, निवेश, खरीदारी, धार्मिक अनुष्ठान और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।इस लेख में आपको 01 फरवरी 2026 का सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्यापार व धन लाभ के उपाय, इस योग में किए जाने वाले कार्य विवरण विस्तार से मिलेगा।
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शुभ समय (Shubh Muhurat Chart)
| शुभ मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:24 ए एम से 06:17 ए एम |
| प्रातः सन्ध्या | 05:50 ए एम से 07:09 ए एम |
| अभिजित मुहूर्त | 12:13 पी एम से 12:57 पी एम |
| विजय मुहूर्त | 02:23 पी एम से 03:07 पी एम |
| गोधूलि मुहूर्त | 05:58 पी एम से 06:24 पी एम |
| सायाह्न सन्ध्या | 06:00 पी एम से 07:19 पी एम |
| अमृत काल | 05:59 पी एम से 07:29 पी एम |
| निशिता मुहूर्त | 12:08 ए एम से 01:01 ए एम (02 फरवरी) |
| रवि पुष्य योग | 07:09 ए एम से 11:58 पी एम |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 07:09 ए एम से 11:58 पी एम |
Magh Purnima 01 February 2026
अशुभ समय (Ashubh Kaal Chart)
| अशुभ काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | 04:39 पी एम से 06:00 पी एम |
| यमगण्ड | 12:35 पी एम से 01:56 पी एम |
| आडल योग | 07:09 ए एम से 11:58 पी एम |
| दुर्मुहूर्त | 04:33 पी एम से 05:17 पी एम |
| गुलिक काल | 03:18 पी एम से 04:39 पी एम |
| भद्रा | 07:09 ए एम से 04:42 पी एम |
| वर्ज्य | 09:02 ए एम से 10:31 ए एम |
| गण्ड मूल | 11:58 पी एम से 07:09 ए एम (02 फरवरी) |
| बाण | रोग – 07:55 ए एम तक |
माघ पूर्णिमा पूजा विधि (पंचांग अनुसार)
माघ पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। यदि गंगा स्नान संभव न हो तो जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।इसके पश्चात भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा में पीले वस्त्र पहनें, पीले पुष्प और पीले मिष्ठान्न अर्पित करें। दिन में अन्न, वस्त्र और धन का दान करना विशेष फल देता है। संध्या समय दीपदान करने से पितृ और देव कृपा प्राप्त होती है।
रवि पुष्य योग में व्यापार व धन लाभ के उपाय
रवि पुष्य योग में नया व्यापार प्रारंभ करना अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन दुकान, ऑफिस, ऑनलाइन बिजनेस, स्टार्टअप या साझेदारी की शुरुआत की जा सकती है। सोना-चांदी, वाहन, भूमि या मशीनरी की खरीदारी लाभकारी रहती है।जो लोग नौकरी में हैं वे इस दिन रिज़्यूमे अपडेट, इंटरव्यू या नई योजना पर कार्य शुरू कर सकते हैं। पीपल के नीचे दीपक जलाने और सूर्य को अर्घ्य देने से आर्थिक बाधाएँ दूर होती हैं।
इस योग में क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?
- नया व्यापार या स्टार्टअप शुरू करना
- दुकान, ऑफिस या वेबसाइट लॉन्च करना
- सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना
- निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा
- धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य
- महत्वपूर्ण निर्णय और अनुबंध
निष्कर्ष (Conclusion)
01 फरवरी 2026 की माघ पूर्णिमा, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण अत्यंत शुभ और दुर्लभ दिन है। इस दिन किया गया कार्य लंबे समय तक धन, सफलता और स्थायित्व प्रदान करता है। सही मुहूर्त में पूजा, दान और कार्य प्रारंभ करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
FAQ
Q1. रवि पुष्य योग क्यों विशेष है?
यह योग स्थायी सफलता और धन देता है।
Q2. क्या इस दिन व्यापार शुरू करना शुभ है?
हाँ, अत्यंत शुभ माना गया है।
Q3. कौन-सा दान श्रेष्ठ है?
अन्न, वस्त्र और तिल दान।
Q4. क्या निवेश करना सही है?
हाँ, लंबे समय के लिए लाभकारी।
Q5. पूजा का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?
ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त।
डिस्क्लेमर
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। किसी भी वित्तीय या व्यक्तिगत निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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01 फरवरी 2026 माघ पूर्णिमा पंचांग: रवि पुष्य योग में धन-सफलता, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्यापार उपाय जानें।