
Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि (Aquarius) और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह ग्रहण दोपहर से प्रारम्भ होकर संध्या समय तक सक्रिय रहेगा, और इसका प्रभाव विशेष रूप से कुछ राशियों पर प्रतिकूल माना जा रहा है। ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि ग्रहण के समय सावधानी, धैर्य एवं पूजा-पाठ अत्यंत आवश्यक है। सूर्य ग्रहण व्रत, मंत्र, यज्ञ और पञ्च-अमृत स्नान ग्रहण दोष को कम कर सकता है।
इस ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति तथा कार्यक्षेत्र पर दर्शित हो सकता है। ग्रहण के समय और बाद में दिए गए उपायों को करने से नकारात्मक प्रभावों में कमी आएगी और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण के मुहूर्त, पूजा, मंत्र, पंचांग, 3 राशियों के विशेष राशिफल एवं सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी।
READ ALSO:

2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण: इन राशियों पर रहेगा नकारात्मक प्रभाव, न करें ये एक गलती 2026 Surya Chandra Grahan Rashiyon Par Prabhav
सूर्य ग्रहण पंचांग / मुहूर्त
| घटक | विवरण |
|---|---|
| ग्रहण तिथि | 17 फरवरी 2026 |
| ग्रहण प्रकार | सूर्य ग्रहण (Partial/Annular* ← astrologer adjust) |
| नक्षत्र | धनिष्ठा |
| राशि | कुंभ |
| ग्रहण आरम्भ | 午पूर्व 11:42 (local) |
| ग्रहण पूर्णता | 午दोपहर 01:07 |
| ग्रहण अंत | 午बाद 02:34 |
| सूर्य ग्रहण काल | 2 hrs 52 min |
Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
ग्रहण पूजा/मंत्र/उपाय
पूजन विधि
- स्वच्छ स्थान पर श्वेत वस्त्र, गंगा जल रखें।
- तुलसी, दीप, धूप, सिंदूर, चावल, मीठा और पान रखें।
- ग्रहण आरंभ से पूर्व ग्रहण स्नान अवश्य करें।
मंत्र
ॐ सूर्याय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय सलौँ जिम्मै।
उपाय
ग्रहण से पूर्व और बाद में गुण्डीय स्नान करें।
घर में सूर्य देव का दीप जलाएं।
पीले वस्त्र धारण करें।
दान में चावल, गुड़, तिल और फल दान करें।Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
3 राशियों के विस्तृत राशिफल
सिंह राशि (Leo) – सूर्य ग्रहण का सबसे सीधा प्रभाव
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं और सूर्य ग्रहण के समय जब सूर्य ढक जाते हैं, तो इसका प्रभाव सिंह राशि पर सबसे अधिक माना जाता है। 17 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में लगने वाला यह सूर्य ग्रहण सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इस अवधि में कार्यक्षेत्र में गलतफहमियाँ, वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बन सकती है। सरकारी कार्य, प्रशासन, राजनीति या उच्च पद से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ग्रहण काल में सूर्य मंत्र का जाप, तांबे के पात्र में जल अर्पित करना और ग्रहण पश्चात दान करना लाभकारी रहेगा। अहंकार से बचें और धैर्य बनाए रखें, तभी ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होगा।Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
वृश्चिक राशि (Scorpio) – कर्म, नौकरी और प्रतिष्ठा पर असर
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह सूर्य ग्रहण विशेष रूप से दशम भाव (कर्म, नौकरी, प्रशासन और सामाजिक प्रतिष्ठा) को प्रभावित करेगा। ग्रहण कुंभ राशि में होने के कारण कार्यक्षेत्र में अस्थिरता, काम का दबाव बढ़ना और अधिकारियों से तालमेल बिगड़ने की स्थिति बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्य में त्रुटियों से बचना चाहिए, वहीं व्यापारियों को साझेदारी में सावधानी रखनी होगी।इस दौरान किए गए निर्णय भविष्य में चुनौती बन सकते हैं, इसलिए जल्दबाज़ी से बचें। सरकारी या कानूनी मामलों में विलंब और अड़चन संभव है।
मानसिक तनाव, क्रोध और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। ग्रहण काल में ध्यान, मंत्र जाप और संयम अत्यंत आवश्यक है। सूर्य को अर्घ्य देना, लाल वस्तुओं का दान और ग्रहण के बाद स्नान करना शुभ रहेगा। धैर्य और अनुशासन बनाए रखने से ग्रहण के दुष्प्रभाव काफी हद तक कम हो सकते हैं।Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
कुंभ राशि (Aquarius) – राशि में ग्रहण, जीवन के हर क्षेत्र पर प्रभाव
कुंभ राशि में ही सूर्य ग्रहण लग रहा है और वह भी मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव सबसे गहरा माना जाता है। यह ग्रहण कुंभ राशि के स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और जीवन दिशा को प्रभावित कर सकता है। अचानक लिए गए फैसले नुकसान दे सकते हैं। मन में बेचैनी, चिड़चिड़ापन और अस्थिरता बनी रह सकती है।धनिष्ठा नक्षत्र मंगल प्रधान है, इसलिए क्रोध, जल्दबाज़ी और टकराव की संभावना बढ़ जाती है। पारिवारिक विवाद, दाम्पत्य जीवन में तनाव और सामाजिक संबंधों में दूरी देखी जा सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से रक्तचाप, बुखार, चोट-दुर्घटना या थकान की आशंका रहती है।
इस समय कोई भी बड़ा निवेश, नौकरी परिवर्तन या नया कार्य शुरू करना उचित नहीं माना जाता। ग्रहण काल में शांति, मौन और साधना श्रेष्ठ उपाय हैं। सूर्य मंत्र, हनुमान चालीसा पाठ और लाल मसूर या गुड़ का दान लाभकारी रहेगा। संयम और आत्मनियंत्रण से ही इस ग्रहण के प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है।Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
FAQ:Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
Q.सूर्य ग्रहण के दौरान क्या खाना चाहिए?
ग्रहण काल में भोजन नहीं करें; ग्रहण पूर्व और बाद में हल्का, शुद्ध भोजन लें।
Q.ग्रहण के समय पूजा करें या ध्यान?
हाँ, ग्रहण अवधि में मंत्र जाप/ध्यान शुभ होता है।
Q.क्या ग्रहण में स्नान आवश्यक है?
हाँ, ग्रहण स्नान से दोष कम होता है।
Q.बच्चों को ग्रहण के समय क्या सावधानी?
ग्रहण में उन्हें बाहर न रखें; शांत वातावरण दें।
Q.ग्रहण के बाद कौन-सा उपाय सबसे प्रभावशाली?
दान, सूर्य मंत्र जाप, दीप जलाना श्रेष्ठ।
Disclaimer
यह लेख सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत निर्णय पर आधारित पेशेवर सलाह से पूर्व निर्णय लें। Astrology predictions are belief–based and not absolute scientific facts.Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi
Surya Grahan 17 February 2026 Kumbh Rashi,सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, सूर्य ग्रहण कुंभ राशि, सूर्य ग्रहण राशिफल, ग्रहण उपाय, ग्रहण पूजा मंत्र, धनिष्ठा नक्षत्र ग्रहण, Panchang Eclipse, Hindu eclipse puja, eclipse effects zodiac
#सूर्यग्रहण2026 #17फरवरीग्रहण #कुंभराशिग्रहण #धनिष्ठानक्षत्र #राशिफल #ग्रहणपूजा #ग्रहणउपाय #Astrology